इंदौर होलकर राजवंश विवाद पहुंचा कोर्ट : महारानी उषा देवी ने यशवंत राव रेण्डोल घोषित किया उत्तराधिकारी धोखाधड़ी के लगे आरोप
जावेद शीशगर
Sat, Apr 4, 2026
इंदौर होलकर राजवंश विवाद पहुंचा कोर्ट
महारानी उषा देवी ने यशवंत राव रेण्डोल घोषित किया उत्तराधिकारी धोखाधड़ी के लगे आरोप
इंदौर में होलकर राजवंश परिवार में नया विवाद शुरू हुआ महारानी उषा देवी ने यशवंत राव रण्डोल को उत्तराधिकारी घोषित किया है राजवंश के असली दावेदार बताते हुए अन्य द्वारा धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए एवं अंशुमन राव होलकर पिता स्वर्गीय श्रीमंत मल्हार राव होलकर द्वारा जानकारी एवं निर्देश अनुसार सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि श्रीमती उषा देवी पति सतीश चंद्र मल्होत्रा होलकर राज परिवार के सदस्य है एक्ट नंबर 9 वर्ष 1927 जारी की गई जिसमें मेरे पिता मेरे पिता स्वर्गीय श्री मंत मल्हार राव होल्कर का नाम विशिष्ट रूप से उल्लेखित है इस सूची में माननीय देवी अहिल्याबाई होलकर के राजवंश के वंशजों के संबंध में उल्लेख किया गया है जिसमे रिचर्ड होल्कर या उनकी माता का उल्लेख नहीं है इसी प्रकार से श्रीमती ऊषा देवी पति सतीश चंद्र मल्होत्रा होल्कर राज वंश की सदस्य रही है तथा भारत सरकार की और से वर्ष 1962 मे श्रीमती उषा देवी पति सतीश चंद्र मल्होत्रा को इंदौर की महारानी घोषित किया गया था वर्ष 1971 मै भारत सरकार द्वारा लाए गए 26 वा भारतीय संविधान के संशोधन के पश्चात परिस्थिति में श्रीमती उषा देवी पति सतीश चंद्र मल्होत्रा के पास महारानी की उपाधि नहीं रही है वह मंत्र मल्होत्रा परिवार की बहू है एवं वहां होलकर राज परिवार के उत्तराधिकारी नियुक्त नहीं कर सकती है होलकर राजवंश के दौरान वर्ष 1946 47 में गवर्नमेंट ऑफ़ हिज हाईनेस द महाराजा होलकर आफ इंदौर द्वारा विस्तृत रूप से खर्चो के अनुमान डिटेल बजट इंस्ट्रूमेंट जारी किया गया स्वर्गीय श्रीमंत महाराज यशवंत राव होलकर होलकर राज इंदौर के राजा के रूप में कार्यरत रहे हैं एवं यशवंत राव रैंडल को उत्तराधिकारी घोषित करना फर्जी तरीके से माननीय है जबकि अंशुमान राव होलकर एवं उनके सगे भाई गौतम राव होलकर एवं सबसे बड़े भाई इन तीनों में से किसी एक को उत्तराधिकारी बनने का अधिकार है
झाबुआ एमपी न्यूज़ 24 से ऑल इंडिया उप संपादक राजा पठान की रिपोर्ट
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