" जश्न वही असलीहै, : जिसमें देश के भविष्य यानी बच्चों को खुशियां और बेहतर कल की उम्मीद मिले।"
" जश्न वही असलीहै, जिसमें देश के भविष्य यानी बच्चों को खुशियां और बेहतर कल की उम्मीद मिले।"
कौशांबी। स्वतंत्रता दिवस का उत्सव इस बार तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों की आंखों में सपनों की चमक और होंठों पर मीठी मुस्कान भी लेकर आया। चायल विकास खंड की एडीओ कोऑपरेटिव मधुलिका सिंह ने प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुर सुधवर में 60 बच्चों को स्कूल बैग और मिठाई वितरित कर आजादी के पर्व को यादगार बना दिया।

सुबह का माहौल पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंगा था। सफेद कुरते-पाजामे और रंग-बिरंगे रिबन लगाए नन्हें बच्चे कतार में खड़े थे। जब मधुलिका सिंह ने अपने हाथों से बच्चों को नए-नए स्कूल बैग थमाए, तो उनके चेहरों पर खुशी और गर्व दोनों झलक उठे। मिठाई की खुशबू और बच्चों की खिलखिलाहट ने पूरे गांव में उत्सव का माहौल भर दिया।
इस मौके पर मधुलिका सिंह ने बच्चों से कहा—
"तिरंगा हमें आजादी का मतलब सिखाता है, और किताबें हमें उस आजादी को संभालना सिखाती हैं। शिक्षा ही वह चाबी है, जो उज्ज्वल भविष्य के दरवाजे खोलती है।"
गांव के बुजुर्गों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास न केवल बच्चों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि गांव में शिक्षा के प्रति जागरूकता भी फैलाते हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर पहाड़पुर सुधवर का यह नजारा संदेश दे रहा था—
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